हाथ में तख्ती लेकर BSA कार्यालय पहुंचा मासूम : मां बोली-प्रिंसिपल ने दलित होने पर नहीं किया एडमिशन, डांटकर भगाया

मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, "खंड शिक्षाधिकारी से कल नाम लिखाने की बात कही है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।"

हाथ में तख्ती लेकर BSA कार्यालय पहुंचा मासूम : मां बोली-प्रिंसिपल ने दलित होने पर नहीं किया एडमिशन, डांटकर भगाया
हाथ में तख्ती लेकर BSA कार्यालय पहुंचा मासूम : मां बोली-प्रिंसिपल ने दलित होने पर नहीं किया एडमिशन

लखनऊ  : "माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा नाम सरकारी स्कूल में नहीं लिखा जा रहा है।" ऐसी तख्ती लेकर एक बच्चा मां और पिता के साथ BSA कार्यकाल पहुंचा। बच्चे के परिजनों ने प्रधानाचार्य पर दलित होने की वजह से एडमिशन न करने और जाती सूचक गालियां देकर स्कूल से भगाने के आरोप लगाए हैं। फिलहाल मामले में BSA ने जांच के आदेश दिए हैं।

मामला भरखनी विकास खंड के चठिया गांव का है। यहां की रहने हीरालाल अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनकी शादी 7 साल पहले पिंकी से हुई थी। हरियाल पेशे से मजदूर हैं। जबकि पिंकी घर का काम करती है। दोनों के दो बच्चे हैं। बेटा सिटडाउन 8 साल है, जबकि बेटी काजल 6 साल की है। सिटडाउन कूड़ी प्राथमिक विद्यालय में पढ़ता था।

पीड़ित की मां ने कहा, " कोरोना के समय में बच्चों का नाम कट गया था, लेकिन अब स्कूल दोबारा खुलने गए हैं। वह अपने बेटी व बेटे को पढ़ाना चाहती है।"

2 महीने से काट रही चक्कर, सुनने वाला कोई नहीं : पिंकी का कहना है कि 2 महीने पहले मैं अपने बच्चे का एडमिशन करवाने के लिए कूड़ी प्राथमिक विद्यालय गई। इस दौरान प्रधानाध्यापक ने बच्चे का एडमिशन नहीं किया। इतना ही नहीं जाति सूचक शब्दों से उसको अपमानित करके भगा दिया।

पिंकी ने कहा, "तब से लेकर अब तक मैं भटक रही हूं। सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटे, लेकिन कोई गुहार सुनने वाला नहीं है। चक्कर काटकर मैं परेशान हो गई थी। मैंने बेसिक शिक्षा अधिकारी इसकी शिकायत की। उनसे न्याय की गुहार लगाई है।"

BSA बोले- दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई : मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, "खंड शिक्षाधिकारी से कल नाम लिखाने की बात कही है। मामले की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।"